हेलो दोस्तों,
मै प्रताप सिंह आप सभी का स्वागत करता हूं अपने पहले ब्लॉग में। आज मैं गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर अपने विचार वियक्त कर रहा हूं। दोस्तो हमारे देश को अंग्रेजी शासन से आजादी 15 अगस्त वर्ष 1947 को मिल गयी थी पर कही न कही हमारा देश मैं अभी भी ब्रिटिश प्रभाव था हमारे क्रांतिकारियों ने आने प्राणों की आहुति देकर हमारे देश को पूर्ण गड़तंत्र घोषित करने का निश्चय किया । 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन की काफी कडी मेहनत के बाद आज ही के दिन 26 जनवरी वर्ष 1950 को माननीय डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने सात कमेटी के गठन के साथ भारत को अत्यंत महत्वपूर्ण ,अटूट सर्व शक्तिमान "भारत का संविधान" प्रदान किया/लागू हुआ। मैं बहोत खुश हूं कि मैं भारतवासी हु। दोस्तो आजके दिन और 15 अगस्त के दिन हम आने विश्विद्यालय, विद्यालय, सरकारी दफ्तरों और सभी जगहों पर हम तिरंगा फहराने के लिए एकत्रित होते है बहोत ही गर्व की बात है ये परंतु आज के समय मैं बहोत ही कम लोग अपने आसपास ध्वजारोहण के लिये उपस्थित होते है वो लोग ये तो शो करते है कि वे बहोत बड़े देशप्रेमी है परंतु वे लोग जब ध्वजारोहण की बात आती है तो खुद को छोटा महसूस करते है सोचते है कि क्या करेंगे यार जाकर बस झंडा ही तो फहराया जाएगा ,समय व्यर्थ होगा ये सोचते हैं वे लोग। अरे।।। ज़रा सोचिए की जिन्होंने हमारे देश को आजादी दिलाने के लिए न जाने कितने शूरवीरों ने बिना किसी स्वार्थ के आने प्राणों की आहुति दे दी। क्यो??? जरा सोचिये किसके लिए किया उन्होंने ये सब?? चाहते तो वो भी वो भी बोल सकते थे कि बस झंडा ही तो फहराना है। विस्वास कीजिये और खुद कल्पना कीजिये कि यदि देश के वीर ऐसा सोचते तोह क्या होता??हम कल्पना भी नहीं कर सकते कि कितनी गम्भीर परिस्तिथिया होती हम जो आज खुलकर साँस लेते है वो भी नही ले पाते। आज के समय मैं लोगो ने देशप्रेम, देशभक्ति को चंद किताबो तथा स्मार्टफोनों मैं क़ैद कर दिया है 26 जनवरी और 15 अगस्त को फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल साइट्स पर लोग देश प्रेम दिखाते है दूसरी तरफ कही ध्वजारोहण होरा होता है तो वो उन्हें समय व्यर्थ लगता है , दोस्तो के साथ पार्टीया करना समय व्यर्थ नही लगता लेकिन झंडा फहराने मैं समय व्यर्थ लगता है। देश के शूरवीरो ने किसलिए अपनी जान गवांकर देश को आजाद कराया ??? जिससे कि जो अत्याचार अंग्रेजों ने हमारे देशवासियों पर किये वो अत्याचार आने वाली पीढ़ियों पर न हो, दोस्तो हमे अपनी सोच को बदलना होगा तभी हमारा देश बदल सकता है। हमारे देश का विकास क्यों रुका हुआ है सोचा है कभी?? देश मे हो रहा भ्रस्टाचार, आतंकवाद और देश के लोगो का आपस मे लड़ना यही वजह है जिससे हमारा देश का विकास रुका हुआ है। हम सभी को अपनी सोच बदलनी होगी और आने देश की महत्वता को समझना होगा तभी हमारा देश आगे बढ़ेगा। जय हिंद जय भारत।।
-प्रताप सिंह
अनुपशहर
मै प्रताप सिंह आप सभी का स्वागत करता हूं अपने पहले ब्लॉग में। आज मैं गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर अपने विचार वियक्त कर रहा हूं। दोस्तो हमारे देश को अंग्रेजी शासन से आजादी 15 अगस्त वर्ष 1947 को मिल गयी थी पर कही न कही हमारा देश मैं अभी भी ब्रिटिश प्रभाव था हमारे क्रांतिकारियों ने आने प्राणों की आहुति देकर हमारे देश को पूर्ण गड़तंत्र घोषित करने का निश्चय किया । 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन की काफी कडी मेहनत के बाद आज ही के दिन 26 जनवरी वर्ष 1950 को माननीय डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने सात कमेटी के गठन के साथ भारत को अत्यंत महत्वपूर्ण ,अटूट सर्व शक्तिमान "भारत का संविधान" प्रदान किया/लागू हुआ। मैं बहोत खुश हूं कि मैं भारतवासी हु। दोस्तो आजके दिन और 15 अगस्त के दिन हम आने विश्विद्यालय, विद्यालय, सरकारी दफ्तरों और सभी जगहों पर हम तिरंगा फहराने के लिए एकत्रित होते है बहोत ही गर्व की बात है ये परंतु आज के समय मैं बहोत ही कम लोग अपने आसपास ध्वजारोहण के लिये उपस्थित होते है वो लोग ये तो शो करते है कि वे बहोत बड़े देशप्रेमी है परंतु वे लोग जब ध्वजारोहण की बात आती है तो खुद को छोटा महसूस करते है सोचते है कि क्या करेंगे यार जाकर बस झंडा ही तो फहराया जाएगा ,समय व्यर्थ होगा ये सोचते हैं वे लोग। अरे।।। ज़रा सोचिए की जिन्होंने हमारे देश को आजादी दिलाने के लिए न जाने कितने शूरवीरों ने बिना किसी स्वार्थ के आने प्राणों की आहुति दे दी। क्यो??? जरा सोचिये किसके लिए किया उन्होंने ये सब?? चाहते तो वो भी वो भी बोल सकते थे कि बस झंडा ही तो फहराना है। विस्वास कीजिये और खुद कल्पना कीजिये कि यदि देश के वीर ऐसा सोचते तोह क्या होता??हम कल्पना भी नहीं कर सकते कि कितनी गम्भीर परिस्तिथिया होती हम जो आज खुलकर साँस लेते है वो भी नही ले पाते। आज के समय मैं लोगो ने देशप्रेम, देशभक्ति को चंद किताबो तथा स्मार्टफोनों मैं क़ैद कर दिया है 26 जनवरी और 15 अगस्त को फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल साइट्स पर लोग देश प्रेम दिखाते है दूसरी तरफ कही ध्वजारोहण होरा होता है तो वो उन्हें समय व्यर्थ लगता है , दोस्तो के साथ पार्टीया करना समय व्यर्थ नही लगता लेकिन झंडा फहराने मैं समय व्यर्थ लगता है। देश के शूरवीरो ने किसलिए अपनी जान गवांकर देश को आजाद कराया ??? जिससे कि जो अत्याचार अंग्रेजों ने हमारे देशवासियों पर किये वो अत्याचार आने वाली पीढ़ियों पर न हो, दोस्तो हमे अपनी सोच को बदलना होगा तभी हमारा देश बदल सकता है। हमारे देश का विकास क्यों रुका हुआ है सोचा है कभी?? देश मे हो रहा भ्रस्टाचार, आतंकवाद और देश के लोगो का आपस मे लड़ना यही वजह है जिससे हमारा देश का विकास रुका हुआ है। हम सभी को अपनी सोच बदलनी होगी और आने देश की महत्वता को समझना होगा तभी हमारा देश आगे बढ़ेगा। जय हिंद जय भारत।।
-प्रताप सिंह
अनुपशहर

nice blog Pratap. . .
ReplyDeleteThank you dear sir.
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